अन्यमनस्क की भांति चलता रहता है जो ,कभी पढ़ा था इस शब्द के बारे मैं ,अब शायद मैं समाजः ही नहीं पाया की आखिर इसका प्रयोग कहाँ करूँ,,,
आज समझ में आता है की कहाँ होना चाहिए .....
और भी सोचता हूँ की जो कारन नहीं चाहता वो क्यों हो जाता है !!!दुःख क्यों होता है
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