Wednesday, January 20, 2010

Chaha tha aaj bahut kuch likhunga!

Aaj saraswati puja thi aur sath me Sourabh ka b'day bhi tha,subah mummi se bat hui,mummi ki tabiyat kharab ho rahi hai,yahi soch soch ker main paresan raha,aur bhi bghut kuch likhna tha per sab gadbad ho gaya and bahar jana pada,aur ab apani tabiyat bhi kuch nasaz si lag rahi hai।khair mujhe kya kya likhana tha wo yad ker lena chahiye,pahala mummi ke bare me dusara sourabh ke bare me aur tisara apani swarthi hone ke bare me....kal time mild to pura kar dunga.
और आज मुझे वक़्त मिल गया सोचता हूँ कुछ लिखूं !कल से सोच रहा था की बहुत कुछ लिखना है और अब सुरु करता हूँ ...
सबसे पहले सौरभ के बारे मैं ..मैंने आज तक कभी उससे कांताक्ट नहीं किया और न ही कभी जानने की कोशिश नहीं की ....कैसी चल रही है उसकी जिंदगी ..कल जब नंबर लिया तो मैं डरा हुआ था की पता नहीं सौरभ कैसा रीअक्ट करेगा ..पर अच्छा रहा ...मुझे कभी बताया गया था की मैंने हर्ट किया है पता नहीं कब ..लेकिन बद मैं लगा अगर हुआ है तो जरर ही हुआ होगा..ऐसे भी मैं अनजाने में पता नहीं कितने लोगों को हर्ट करता रहा हूँ ...और पता नहीं हर्ट करने वाला सिलसिला कब बंद होगा.और इसी में अपनी स्वार्थ सिद्ध होती है, मैं जब भी कॉल करता हूँ ..खाभी नहीं जयादा बातें करता हूँ बस..इधर उधर की बातें ....लगता है कहीं कुछ न कुछ दर छिपा हुआ है और यही दर हमेशा मुझे परेसान करता हूँ ...पता है मैंने तो खुद ही इतन परेसान हूँ ..और कितनी परेसनिया लूँ....बुत मुझे पता है ऐसी ही बातें मुझे स्वार्थी बनाती हैं ...बहुत ही जयादा स्वार्थी.......बहुत ही जयादा .....ऐसी मैंने हमेशा ही लोगों का दिल दुखाया है शायदा मेरी आदत ही रही है ऐसी ..मनसा ने भी अभी कार्ड भेजा ...ओर कुछ सही लिखा और ..मैएँ प्रसंशा करता हूँ ..पैर सच तो सच है ....और कड़वा भी है तो सच है ..मैंने अपने लाइफ में आने वाले लोगों को परेसान ही किया है..आलोचना मेरा मुख्या शगल रहा है....भगवन मुझे शक्ति दे ताकि इन सबकुछ से बाहर निकल सकूँ। भगवन मुझे स्वार्थी होने से बचा ..I need to know how to care who ever comes in my life ...and to avoid to hurt them..really i need this...
और कल मा से बात हुई ...मुम्मी की तबियत ख़राब है ...बहुत ही टेंसन में हो गया ..पिचले ३ महीनो से लगतार मुम्मी की तबियत ख़राब है ..और अब पुराणी चीज़...मैं भी बहुत जयादा दुखी हो जाता हूँ और टेंशन में भी की मेरी भी तबियत ख़राब हो जाती है ....और मा ने कहा कोई केयर नहीं तो और भी जयादा दुःख होता है ..जब फॅमिली को मेरी जयादा जरुरत होतीहोती है तब मैं नहीं होता हूँ ....कल पार्टी में गया तब अचानक से मुझे मेरे बीते दिन याद आ गए ...और अचानक से मैं अत्यधिक द्रवित होने लगा ...ऐसा तब भी हुआ था जब मैं बारा में था और हम ओर स्टेशन मास्टर की पार्टी में गए थे..मैं किसी भी चीज़ को क्यों नहीं एन्जॉय कर प् रहा हूँ....हमेशा मेरा माजी मुझे परेसान करता है ...मुझे लगता है ये चमक दमक ये शान शौकत और ये हंसी ख़ुशी की चीज़ें मेरी नहीं हैं और न ही मेरी कभी हो सकती हैं..कभी नहीं ...शायद कभी नहीं...पता नहीं मुझे ही मेरा बिता कल बहुत परेसान क्यों करता है ..कभी कभी आसमान से बाते करता हूँ....और शायद हमेशा ही....लगता है चंदवा में ही हूँ...ठीक उसी खम्भे के निचे ....जो मेरे घर के सामने थे ....हाँ बिजली का खम्भा ...तो शायद हमेशा से ही मेरी प्रर्थानों का साक्षी रहा है ,तो पता नहीं बरबस आँखों मैं आंसू आ जाते हैं ...और अब शायद उन दिनों को याद करता हूँ तो लगताहै ..शायद सबसे अच्छे और सबसे सच्चे दिन थे मेरे ...जब खुद से बाते करता था और साक्षी होता था नीला आसमान ...तारों से भरा हूँ .....और तब से मुझे तारों भरा आसमान बहुत ही अच्छा लगता है ..और चुपचाप इस नीले आसमान से बाते करना भी ...अरे मैं भटक भी जाता हूँ ..मैं माँ के बारे मैं कुछ लिख रहा था....एनी वे मा के बारे मैं जयादा लिखूं तो जयादा भावुक हो जाऊंगा .....
और हाँ कभी कभी सोचाहूँ भटकाव क्यों होता है....मन चंचल क्यों होता है तब जयादा आध्यात्मिक हो जाता हूँ ..मुझे वास्तविकता मैं जीना सिखाना चाहिए .....मेरे सामने मेरी पूरी दुनिया है और और मुझे खुश होना चाहिए .....हमेशा ही खुश होना चाहिए ..खुश भी होता हूँ पर ज्यादातर ...अजीब से मन में रहता हूँ .....हमेशा ही चंचल ........पता नहीं प्रभुधता कब आएगी.... किसी ऐसी चीज़ से भी परेसान हो जाता हूँ तो शायद मेरे से सम्बंधित नहीं है ...मुझे ऐसे मामलों में बचाना चाहिए .....और अपने आपको हटा कररखना भी चाहिए ....परे ....कुछ और चेजें है तो बिना मालब मुझे परेसान करती हैं ......हाँ कुछ लोग भी हैं जिन्हें मैं परेसान कर रहा हूँ ..रेअल्ली ....मैं सच में परेसान कर रहा हूँ ॥ हे हे हे हे हे......लेकिन I am loving it ..really loving it!!!!!bus bahut hochuka yar ..bhukh lagi hai main chala khane ko !!!!GN

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