Sunday, May 1, 2011
बहुत दिनों के बाद मुझे मौका मिला की मैं अपने ब्लॉग में हिंदी में कुछ पोस्ट करूँ। आज हैदराबाद में हूँ, बहुत सरे लोगों से मिला..और बहुत सरे लोगो से मिलना बाकि हैं , यहाँ का माहौल अच्छा है मेरेरूम मेट यतीन्द्र सहेल भी ठीक थान जन पड़ते हैं , उनकी पत्नी यहाँ आने वाली है सो मेरे साथ जयादा वत नहीं दे पाएंगे , अच्छा है यार कुछ तो फ्री मिलेगा जिगर हिंगू भी है, और यहाँ का आस पास का वातावरण भी अच्छा लग रहा है, बस एक कमी है तो देवेश की, पता नहीं क्यों पटना चला गया...वो रहता तो और भी अच्छा लगता, गौरव की सहदी भी सेट हो गयी है और मेरा जाना संभव नहीं जन पड़ता....
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Good Story and a lot of history.... M loving it ..It seems Hindi is also comlicated foe me..Complicated words by author ....But m learni...
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