Saturday, May 28, 2011

अच्छा महसूस नहीं हो रहा

यार पता नहीं ऐसा क्यों होता है की जिंदगी के सफ़र में हम नए लोगों से मिलते हैं और एक अनकहा सम्बन्ध जोड़ लेते हैं...यहाँ २७ लोगों से मिला और मिला क्या एक पूरी फमिलीय ही बना ली , सिर्फ २८ दिनों में ....ऐसा क्यों होता हैं....क्यों भावनाएं , रिश्ते समबन्ध और जज्बात परेसान करते हैं ...... क्यों हम जिंदगी के सफ़र में इसे ऐसे ले लेता हैं , मैं समझता हूँ की ऐसी फीलिंग , बहुत बार आती है और हम वापस अपने नोर्मल लाइफ में चले जाते हैं....बुत कुछ दिनों का जो transition period hota hain, bahut dukh dai hota है, ये अहसास क्यों होता है हम समझ ही नहीं पते हैं ...

No comments:

Post a Comment

निष्पृह