हाँ यहाँ अब अंतिम ट्रेनिंग है...अब पता नहीं कब इन सारे दोस्तों से मिलना हो ! जिंदगी का एक अच्छा मौका मैंने गँवा दिया सिर्फ और सिर्फ अपनी बेवकूफी से , अगर थोडा सा भी गंभीर होता तो मैं आज मुस्कुरा रहा होता...चलो ओर भगवन की मर्जी से होता है...और सबसे बड़ी बात तो ये की मैं अपने अन्दर आये परिवर्तन को महसूस कर रहा हूँ...बाकि सारे ट्रेनिंग में मैंने अपने आपको सबसे अलग थलग रखा और हमेशा अपने कोम्फोर्ट ज़ोन में रहा...लेकिन इस बार मैं बहुत सारे लोगो से बात की और नए दोस्त बनाये और इस बार खुद पे केन्द्रित न रह कर मैं लोगों पे केन्द्रित रहा...
हैदराबाद में हुए बेहविऔर साइंस के क्लास में कुछ जो भी सिखा था अब उसकी परिपालना कर रहा हूँ और अब आचा भी फील कर रहा हूँ...जिंदगी को देखने का नजरिया बदल रहा है और यही सबसे सुखद परिवर्तन है...और मैं इसका आनंद उठा रहा हूँ....इस बार ऐसे लोगो से भी घुला और मिला जिनसे मैं दूर रहने की कोशिश करता था...सच है की दुनिया में ओर लोग अच्छे होते हैं ,,,अगर आप अच्छे हो तो....जिंदगी जीने का नया नजरिया मुबारक....
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कभी कभी मैं सोचता हूँ कि मैं कहाँ आ गया , और कहाँ जा रहा हूँ , न तो कोई मंजिल है और न ही कोई रास्ता, बस जीना है तो जिए जारहाहूँ, क्या यही हो...
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Good Story and a lot of history.... M loving it ..It seems Hindi is also comlicated foe me..Complicated words by author ....But m learni...
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बिखर जाने का मन कर रहा है ....कभी कभी ही तो ऐसा महसूस होता है जिंदगी में ..जब पूरी दुनिया, ये शहर , ये जॉब बेमतलब के लगने लगते हैं ....और त...
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