Friday, June 17, 2011

अंतिम ट्रेनिंग बीकानेर में

हाँ यहाँ अब अंतिम ट्रेनिंग है...अब पता नहीं कब इन सारे दोस्तों से मिलना हो ! जिंदगी का एक अच्छा मौका मैंने गँवा दिया सिर्फ और सिर्फ अपनी बेवकूफी से , अगर थोडा सा भी गंभीर होता तो मैं आज मुस्कुरा रहा होता...चलो ओर भगवन की मर्जी से होता है...और सबसे बड़ी बात तो ये की मैं अपने अन्दर आये परिवर्तन को महसूस कर रहा हूँ...बाकि सारे ट्रेनिंग में मैंने अपने आपको सबसे अलग थलग रखा और हमेशा अपने कोम्फोर्ट ज़ोन में रहा...लेकिन इस बार मैं बहुत सारे लोगो से बात की और नए दोस्त बनाये और इस बार खुद पे केन्द्रित न रह कर मैं लोगों पे केन्द्रित रहा...
हैदराबाद में हुए बेहविऔर साइंस के क्लास में कुछ जो भी सिखा था अब उसकी परिपालना कर रहा हूँ और अब आचा भी फील कर रहा हूँ...जिंदगी को देखने का नजरिया बदल रहा है और यही सबसे सुखद परिवर्तन है...और मैं इसका आनंद उठा रहा हूँ....इस बार ऐसे लोगो से भी घुला और मिला जिनसे मैं दूर रहने की कोशिश करता था...सच है की दुनिया में ओर लोग अच्छे होते हैं ,,,अगर आप अच्छे हो तो....जिंदगी जीने का नया नजरिया मुबारक....

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