Saturday, November 19, 2011

कुछ बातें कुछ यादें

हाँ कुछ तो जरुर छुटता हुआ लगता है , कुछ पुरानी बहुत ही सुहानी यादें ताज़ा हो जाती हैं , सुन रहा हूँ गाना , लग जा गले से फिर हसीं रात हो न हो, फिर मुलाकात हो न हो, सचमुच हम मुलाकात को तरस से जाते हैं, सचमुच यादों से ही जिंदगी बनती है , कुछ खट्टी कुछ मीठी, और हम ऐसे ही जिंदगी के पन्नो को भरते चले जाते हैं , कुछ अफ़सोस भी होता है, किसी के छुटने को, डर भी होता है किसी के खोने का, लगता है सब शुन्य है और कुछ भी नहीं, जो ख जाते हैं उनसे तो हम कभी मिल भी नहीं पते और जिनसे मिलना चाहते हैं प्रकृति मिलने भी नहीं देती...

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