Tuesday, December 27, 2011

नकाराकात्मक उर्जा का प्रवाह

पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लग रहा है की , आजकल तिन चार दिनों से मेरे अन्दर से negative energy  flow हो  raha है ..मैंने एकदम से खुश नहीं हो प् रहा हूँ . पता नहीं क्यों ..हमेशा लोगों के बारे में सोचता हूँ की अच्छा सोचूंगा लेकिन ऐसा नहीं हो प् रहा है , aakhir ऐसा क्यों हो रहा है...
kaha gaya है न की जब आप अच्छे होते हो तो सब आप को अच्छे लगते  हैं और  जब आप ही अच्छे नहीं होते तो कोई भी अच  नहीं लगता ....matlab ऐसा है की मैं बहुत बुरा हो रहा हूँ...
मुझे किसी के बारे में बुरा सोचने का कोई haq नहीं है ...न ही बुरा सोचने का ..सब लोग अच्छे हैं..हर दिन मैं ऐसा सोच कर ही जाता हूँ लेकिन क्यों मैं खुद को ठीक नहीं rakh प् रहा हूँ ..aj तो मेरे माथा भी दुखने लगा...यार समझ में नहीं आता की ऐसा कैसे हो रहा है...
मैं केन्द्रित हो कर कम नहीं कर प् रहा हूँ...

आज भी मैंने किसी को ऐसा बोल दिया जो मुझे नहीं कहना चाहिए ...बाद में मुझे बहुत अफ़सोस हुआ ...बाद मैं मुझे खुद पर बहुत खीज भी हुआ की मैंने ऐसा क्यों कह दिया...अफ़सोस तो ये है की शब्द वापस नहीं लिए जा सकते...भगवन मुझे इन बुरी चीजों से बचाओ...

भगवन please  मुझे समर्थ बनाओ ताकि कोई भी स्थिथि हो मैं हँसता रहा मुस्कराता रहूँ और कम करता रहूँ..कोई ऐसा गुण सूत्र दो की मैं किसी के बारे मैं न तो बुरा सोचूं और न ही किसे को बुरा कहूँ और न तो किसी की बुरे सुनु...सच है यहाँ सभी लोग अच्छे हैं...और please मुझे भी अच्छा बनाओ....
मुझे  इतनी ताकत दो की अपनी सकारात्मक उर्जा को किसी भी नकारात्मक उर्जा से प्रभावित नहीं होते दूँ..अपने प्रभाव को धूमिल न होने दूँ...खुश रहूँ....मस्त रहूँ...किसी को हर्ट न करूँ...

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