Tuesday, July 31, 2012

एक बहुत बुरा दिन

हा , एक बहुत बुरा दिन ......कैसे ऐसा हो जाता है ...क्यों कर मैं कभी कभी इतना निष्ठुर हो जाता हूँ ,रुला दिया उसे जिसके हर आंसू में मेरी पूरी जिंदगी बसती है ....और अब शायद उसे एक और वजह दे दिया , मुझसे नफरत करने का .....हाँ मुझे पता है के तुम मुझसे नफरत कभी कर ही नहीं सकते पर , हाँ ....u'll say ...I hate u...पर सच  कहूँ मैं तुम्हे रुलाना नहीं चाहता  , कुछ समझाना चाहता था .. जिंदगी के लिये ....चलो  कोई न , इतना झेलता हूँ , थोडा  और सही..

शाम को  वही ,When I was talking to some one , said something too messy and then I realized, what the blunder I had done.......n when I realized ...i started to cry...How can I talk to some one like that...oh f**c man...I had done..and no other way to repent ...Still m thinking , how i talked
(and realized m that rude) ...God please forgive me ....अब तू ही मुझे माफ़ कर  है।...मैं ऐसा कैसे  बोल सकता हूँ ...कैसे , कैसे ?माफ़ कर दो मुझे ....

और तो और पैर में घाव हो  गया है , बहुत दुःख रहा है , और इतनी swelling हो गयी है की मैं क्या कहूँ, रहा नहीं जा रहा है ....कल दो capsules भी लिए थे , पर कोई असर नहीं हुआ ...पता नहीं दर्द से मैं सो पाउ या नहीं .......कल  Doctor  के  पास जाऊंगा , नहीं तो मैं शायद चल भी न पाउ .....

छोड़ो एक बुरा दिन  गया , अब  FIR देखूंगा SAB  चैनल पे और खूब हँसना चाहूँगा ....and a beautiful song wanna share...coz m listening this lovely song since morning...

1 comment:

  1. अच्छी खबर ये हे कि बुरे के बाद अच्छा आता ही है ।
    गाना खूबसूरत है ।

    ReplyDelete

निष्पृह