Monday, August 13, 2012

निम्बाहेड़ा और बारिश



निम्बाहेड़ा में इतनी बारिश , पुरे साल भर हो गए , ऐसी बारिश कभी नहीं देखी थी...ऑफिस जाते वक़्त  मैं पूरी तरह भीग गया था और दिन भर मैं नंगे पांव था , क्यूंकि मेरे जूते पुरे भीग गए थे ....बेवकूफ की तरह था मैं पुरे दिन भर, हा हा हा हा और मैं भी मजे ले रहा था अपने नंगे पांवों का .....और तो और ब्रांच भी पूरी तरह मटियामेट रहा ...उम् और क्या मैं भागना चाहता था ब्रांच से 5 बजे ही , पर ये कभी हो नहीं पता , 7 बज ही जाते है .....क्या करू यार ....कैसे जल्दी ब्रांच बंद करू .... मुश्किल तो ये भी है की मुझे हॉल का इंचार्ज बना दिया गया है और अब  9.45 तक पहुँचाना पड़ेगा ...और मैं कभी नहीं चाहता की 10 बजे से पहले ब्रांच पहुंचू ....टेंशन न ले यार बस एक हफ्ते ....और साला ये नींद भी बड़ी जालिम है , बारिश और नींद ...खतरनाक संयोग  है ...9.45 तक मैं जाग जाऊ यही काफी होगा

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