How beautiful life is
Monday, November 5, 2012
अच्छा -बुरा
तुम बुरे होने का नाटक कर सकते, पर बुरे नहीं हो सकते ...
तुम अच्छे होने का नाटक कर सकते हो , पर अच्छे हो नहीं सकते ...
अच्छा और बुरा , तुम्हारे खुद के होने पे होता है , नाटक पर कभी नहीं ...
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निष्पृह
रेगिस्तान की रेत
कभी कभी मैं सोचता हूँ कि मैं कहाँ आ गया , और कहाँ जा रहा हूँ , न तो कोई मंजिल है और न ही कोई रास्ता, बस जीना है तो जिए जारहाहूँ, क्या यही हो...
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Good Story and a lot of history.... M loving it ..It seems Hindi is also comlicated foe me..Complicated words by author ....But m learni...
बिखर जाने का मन कर रहा है
बिखर जाने का मन कर रहा है ....कभी कभी ही तो ऐसा महसूस होता है जिंदगी में ..जब पूरी दुनिया, ये शहर , ये जॉब बेमतलब के लगने लगते हैं ....और त...
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