कुछ दिनों पहले की बात है
तुमने कहा ..मैं तो बेवकूफ हूँ , पागल हूँ, मैं अगर तेरा दामन छोड़ दू तो क्या तुम भी मेरा दामन छोड़ दोगे......और मैंने सोचने लगा..कुछ दिनों पहले हुए चीजों से मैं शर्मिंदा होने लगता हूँ ......नहीं रे पागल , तू तो मेरा वजूद है , मेरे जीने की वजह ...अधुरा हु मैं तेरे बिना ....तेरे बिना तो खुद का होना भी खुद का न होना है ... और सोचता हूँ इस प्रश्न को कोई औचित्य ही नहीं है .इस प्रश्न का उत्तर तो तुम्हारे पास होना ही चाहिए..
No comments:
Post a Comment