Monday, March 10, 2014

बहुत बुरा हूँ मैं। ..

कभी कभी  मुझे अपने बहुत बुरे होने का अहसाश होता है , जब आप जब किसी का दिल दुखाते हो , वो भी जान बुझ कर। पर शायद जब आप किसी का दिल दुखाते तो सबसे जयादा तकलीफ खुद को ही होती है ,क्यूंकि तब तन्हाई में आपके अँधेरे कमरे का एक कोना आपके आंसुओ से भी सींची जाती है। ।लेकिन जिंदगी ऐसे ही चलती रहती है। .. It has been well said na ...Sometimes it good to be bad ...

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